वरिष्ठ पत्रकार रमेश लाल
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अमेरिकी कॉमिक्स बुक्स की डीसी कॉमिक्स द्वारा प्रकाशित एक काल्पनिक सुपरहीरो छाती पर एस लिखी नीली वर्दीधारी सुपरमैन को विश्व का सबसे पहला और सबसे प्रसिद्ध सुपरहीरो होने का सौभाग्य प्राप्त है। जिसने वर्तमान सुपरहीरो संस्कृति पर उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। सुपरमैन की प्रेरणा की तर्ज पर उसके बाद सुपरहीरोज की एक पूरी पीढ़ी खड़ी हो गई।
सुपरमैन के बाद प्रसिद्धी के क्षेत्र में नाम आता है हाथों में से रस्सियाँ निकालने वाले स्पाईडर-मैन का। इसके रचयिता स्टैन ली एवं स्टीव डिटको हैं। सबसे पहले 1962 में आई कॉमिक्स में इसकी प्रथम उपस्थिति हुई थी। कॉमिक्स में वह पीटर पार्कर के रूप में नज़र आता है।
मगर इन दोनों सुपरहीरोज़ पर भारी है भारत का शक्तिमान जिसके दूरदर्शन पर 400 से अधिक एपिसोड दिखाए जा चुके हैं। इनका प्रसारण 13 सितंबर 1997 से 27 मार्च 2005 तक हुआ। शक्तिमान की प्रसिद्धी का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस दिन इस का प्रसारण होता था तो खास तौर पर बच्चे टैलीविज़न के सामने से हिलते भी नहीं थे कि कहीं कोई सीन छूट ना जाए। बहुत से बच्चे तो शक्तिमान के जैसे घूमने की नकल करते हुए चोटें भी लगवा चुके हैं। जब इस बात का पता मुकेश खन्ना को पता चला तो उन्होनें सिरीयल के दौरान बच्चों को ऐसा ना करने करने के लिए कहा था।
दुनियाभर में प्रसिद्ध इन तीनों सुपरहीरोज़ में एक बात कामन है, और वो है कि ये तीनों फोटो जर्नालिस्ट हैं। सुपरमैन कलार्क केंट के रूप में बतौर जर्नालिस्ट डेली प्लेनेट में काम करता है जहाँ से मैट्रोपोलिस के लिए समाचार पत्र प्रकाशित होते हैं। स्पाईडर-मैन यानी पीटर पार्कर कई कामों में नाकाम रहने के पश्चात द डेली बगल अखबार में काम चलाऊ फोटो जर्नालिस्ट के तौर पर कार्यरत होता है। उस अखबार का सम्पादक अकसर उसकी तस्वीरों को डसट बिन में फेंकता रहता है।
भारतीय सुपरहीरो शक्तिमान यानी पंडित गंगाधर विद्याधर मायाधर ओमकारनाथ शास्त्री अपने आश्रम के जीवन को छोड़ कर शहर में आ जाता है। वहां वो अपनी शक्तियों से लोगों को बचाने का काम शुरू कर देता है और साथ ही नौकरी के लिए "आज की आवाज" नाम के अखबार को बतौर फॉटोग्राफर चुनता है। इस लेख को पूरा करने के लिए इंटरनैट मीडिया की मदद भी ली गई है। आईए चर्चा करते हैं इन तीनों सुपरहीरोज़ के सफ़र के बारे मैं।
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शक्तिमान
शक्तिमान एक भारतीय काल्पनिक सुपरहीरो पर आधारित टेलिविज़न धारावाहिक है। इसे प्रस्तुत मुकेश खन्ना तथा निर्देशित दिनकर जानी ने किया। इसके 400 से अधिक एपिसोड दूरदर्शन नेशनल पर दिखाए गए। 8 नवंबर 2024 को, भीष्म इंटरनेशनल के मालिक मुकेश खन्ना ने कंपनी के यूट्यूब चैनल पर शक्तिमान की वापसी का ऐलान करते हुए एक टीज़र वीडियो जारी किया था।
कैसे हुई शक्तीमान की शुरूआत - कहानी के क्रम के अनुसार कई हजार साल पहले कुछ संतों को, जो अपने आप को सूर्यवंशी कहते थे, को कुंडलिनी शक्तियों का पता चलता है। धीरे धीरे वे लोग अपने शिष्यों को इसकी शिक्षा देते आ रहे थे। इसी तरह एक शिष्य, श्री सत्य (मुकेश खन्ना) से उसके गुरु काफी खुश होते हैं और उसे अपनी और से आगे की शिक्षा भी देने लगते हैं गुरु उसे शरीर छोड़ कर जाने की कला सिखाते हैं। ये बात किसी तरह वज्रबाहू को पता चल जाती है और वो भी ये सब छुप कर देखता रहता है। उसके गुरु एक दिन उसे शक्तिपुंज के बारे में भी बताते हैं, जिसमें काफी शक्ति होती है। एक रात जब गुरु अपना शरीर छोड़ कर विश्व भ्रमण कर रहे होते है तभी वज्रबाहू अपना शरीर छोड़ कर उनके शरीर पर कब्जा कर लेता है और अपना शरीर आग में नष्ट कर देता है। उसके बाद किसी तरह शक्तिपुंज को चुराने की कोशिश करता है, पर श्री सत्य उसे ऐसा करने से रोकने की कोशिश करता है और इसी के चलते शक्तिपुंज के दो टुकड़े हो जाते हैं। एक टुकड़ा वज्रबाहू (किलविश) को मिलता है, वो उसे लेकर भाग जाता है।
कैसे बना शक्तीमान - मेजर रंजीत सिंह (मुकेश खन्ना) अपनी बीवी और छोटे बच्चे के साथ जंगल में डेरा जमाए रहता है। उसे और उसके फौजी साथियों को न दिखने वाले दुश्मनों का पता चलता है। उससे मेजर रंजीत और उसकी बीवी काफी घायल हो जाते हैं और अपने बच्चे की जान बचाने के लिए उसे अपने से दूर कर लेते हैं। वो बच्चा बाद में किसी संत को मिलता है, जो उसे लेकर अपने आश्रम ले आता है। उसका नाम गंगाधर रखा जाता है। वहीं उसे शिक्षा मिलती है और बाद में वो 7 चक्र जागृत करने में भी सफल हो जाता है और बाद में पता चलता है कि उसे पाप के अंत के लिए चुना गया है। पाँच तत्वों की शक्तियों को उसके शरीर से मिलाया जाता है और वो कई सारी शक्तियों के साथ एक शक्तिशाली इंसान बन जाता है।
बतौर फोटोग्राफर- पंडित गंगाधर विद्याधर मायाधर ओमकारनाथ शास्त्री अपने आश्रम के जीवन को छोड़ कर शहर में आ जाता है। शहर में आने के बाद वो अपनी शक्तियों से लोगों को बचाने का काम शुरू कर देता है और साथ ही नौकरी के लिए "आज की आवाज" नाम के अखबार को चुनता है और वहीं फोटोग्राफर की नौकरी करने लगता है। वहाँ उसकी मुलाक़ात गीता से होती है। गीता उसे पहचान नहीं पाती पर उसे लोगों को बचाते हुए देख कर उसका नाम शक्तिमान रख लेती है।
शक्तिमान लोगों की जान बचाने का काम जारी रखता है और किलविश और उसके साथ देने वालों से लड़ते रहता है। धीरे धीरे गीता को शक्तिमान से प्यार हो जाता है और उसे बीच बीच में गंगाधर पर शक भी होता रहता है कि कहीं वो शक्तिमान तो नहीं है, पर बाद में शक हट भी जाता है। हालांकि बाद में उसे पता चल ही जाता है कि गंगाधर ही शक्तिमान है, और शक्तिमान को भी एहसास होता है कि वो गीता से प्यार करने लगा है। किलविश के कारण गीता की मौत हो जाती है, पर शक्तिमान उसे वापस जीवित कर देता है और इस कारण उसके गुरु उसकी सारी शक्ति ले लेते हैं। पर बाद में वे लोग उसे शक्ति वापस भी कर देते हैं।
मेयर रंजन को पता चलता है कि शक्तिमान किसी मरे हुए को जीवित करेगा तो उसकी सारी शक्ति चले जाएगी, इस कारण वो गीता को एक अलग तरीके के जहर से मार देता है। पर शक्तिमान को पता चलता है कि गीता अभी मरी नहीं है, और वो उस जहर का उपाय ढूंढ लेता है और गीता को बचा लेता है। इसके बाद मेयर रंजन कई अलग अलग तरीकों से शक्तिमान को मारने की कोशिश करते रहता है। शक्तिमान को बाद में अपने, अपने पिता और श्री सत्य आदि के बारे में भी बहुत सी जानकारी ज्ञात होती है।
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स्पाइडर-मैन
स्पाइडर-मैन मार्वल कॉमिक्स का काल्पनिक सुपर हीरो है। इसके रचयिता स्टैन ली एवं स्टीव डिटको हैं। सबसे पहले 1962 में आई कॉमिक्स में इसकी प्रथम उपस्थिति हुई थी। कॉमिक्स में वह पीटर पार्कर के रूप में एक अनाथ बच्चा होता है जिसके माता-पिता रिचर्ड और मैरी पार्कर एक हवाई जहाज की दुर्घटना में मारे जाते हैं। न्यू यॉर्क शहर में उसे उसकी मौसी आंट मे और अंकल बेन पालते हैं। उसे किशोरावस्था और वित्तीय मुद्दों के संघर्षों से निपटते हुए दिखाया जाता है। उसकी उत्पत्ति कहानी में उसे एक रेडियोधर्मी मकड़ी काट लेती है जिससे उसमें मकड़ी से संबंधित शक्ति और क्षमताएँ आ जाती हैं। जिसमें शामिल है:- अधिकांश सतहों पर चढ़ने की क्षमता, अपने स्वयं के आविष्कार उपकरणों को कलाई पर पहनकर उपयोग करके मकड़ी के जाल को शूट करना जिसे वह "वेब-शूटर" कहता है और अपने "स्पाइडर सेन्स" से खतरों के आने से पहले आभास होना। इसी कहानी में स्पाइडर मैन मूल रूप से प्रसिद्धि पाने के लिए इस शक्ति का उपयोग करता है। एक दिन वह अंकल बेन को गोली मारते हुए भाग रहे एक चोर को जाने देने देता है। उसके बाद वह अपनी शक्ति को जिम्मेदारी से उपयोग करना सीखता है।
फ़िल्मों में-स्पाइडर मैन के ऊपर फ़िल्म बनाने का अधिकार कोलम्बिया पिक्चर्स के पास है जो सोनी पिक्चर्स इंटरटेंन्मेंट का भाग है। 2002 से 2014 तक इस स्टुडियो ने पाँच फ़िल्मों का निर्माण किया। 2015 में डिज़्नी के साथ सोनी का एक सौदा हुआ जिसके फलस्वरूप स्पाइडर मैन का किरदार मार्वल सिनेमेटिक यूनिवर्स की फ़िल्मों में प्रवेश करेगा। ऐसी पहली फ़िल्म कैप्टन अमेरिका: सिविल वॉर थी।
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सुपरमैन
सुपरमैन अमेरिकी कॉमिक्स बुक्स की डीसी कॉमिक्स द्वारा प्रकाशित एक काल्पनिक सुपरहीरो है। सुपरमेन को विश्व का सबसे पहला और सबसे प्रसिद्ध सुपरहीरो माना जाता है, जिसने वर्तमान सुपरहीरो संस्कृति पर उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। सुपरमैन का निर्माण लेखक जेरी सीगल एवं आर्टिस्ट जाय शस्टर ने किया,बाद में डीसी कॉमिक्स द्वारा उसे सर्वप्रथम एक्शन कॉमिक्स #1 (आवरण-तिथि जून 1938) से जारी किया, जो बाद में कई रेडियो धारावाहिकों, समाचार-पत्रों की कतरनों, टेलीविज़न कार्यक्रमों, फ़िल्मों एवं विडियो-गेम द्वारा काफी प्रचलित हुए। लिहाजा इस अभूतपूर्व सफलता के बाद, सुपरमैन की प्रेरणा की तर्ज पर सुपरहीरोज की एक पूरी पीढ़ी खड़ी हो गई और अमेरिकी कॉमिक्स जगत में प्रधान रूप से स्थापित भी हुए।
सुपरमैन की उपस्थिति को प्रतिकात्मक तौर पर अति विशेष ध्यान रखा गया; जैसे उनकी नीली पोशाक, लाल लबादा और सीने पर लाल एवं पीले रंग का लिखा अंग्रेज़ी में "S" एस अक्षर का गढ़ा हुआ शिल्ड। इस शिल्ड का मिडिया में लगभग कई बार विभिन्न अवसरों पर अलग-अलग ढंग से किरदार के चिन्ह स्वरूप दर्शाया गया है। मूल तौर पर सुपरमैन की उद्गम कथाओं में उसे सुदूरवर्ती ब्रह्मांड के काल्पनिक ग्रह क्रिप्टान का अंतिम वासी कहा जाता है, जिसका वास्तविक नाम काल-एल है, जिसे उसके वैज्ञानिक पिता ज़ोर-एल उसे तब राकेट द्वारा पृथ्वी को प्रक्षेपित करते हैं, जब उनका ग्रह क्रिप्टान नष्ट होना प्रारम्भ होता है। यहां पृथ्वी पर कैनसैस के किसान दंपति उसे अपना लेते हैं, जिसकी परवरिश क्लार्क केंट के रूप में होती है और उसे अति गहन नैतिक शिक्षा जैसे आदर्श सीख मिलती है। इस दौरान भी कई बार अपनी अमानवीय शक्तियों से परिचित होता है, फिर वयस्क आयु में, वह सुपरमैन के गुप्त रूप में मानवता के उपकार हेतु इसका संकल्प भी लेता है। सुपरमैन का निवास और कार्यस्थल अमेरिका के ही काल्पनिक नगरी मैट्रोपोलिस़ में होता हैं। फिर कलार्क केंट के रूप में, वह बतौर जर्नालिस्ट डेली प्लेनेट में काम करता है जहाँ से मैट्रोपोलिस़ के लिए समाचारपत्र प्रकाशित होते हैं। सुपरमैन की प्रेम दिलचस्पी उसके ही प्रमुख रिपोर्टर लूईस लैन के साथ होती है और सुपरविलैन में लेक्स लुथार उसका कट्टर शत्रु रहता है। मिसाल के तौर जस्टिस लीग नामक सुपरहीरो संगठन का वह सदस्य भी रहता है और बैटमैन एवं वंडरवुमैन उसके नजदीकी दोस्त होते हैं। कुछ कॉमिक्स में वंडर वुमन को सुपरमैन की प्रेमिका के रूप में चित्रित किया गया है। डीसी कॉमिक्स जगत के अन्य किरदारों की तरह ही, समय-समय पर वैकल्पिक के तौर पर सुपरमैन के साथ उन्हें गढ़ा जाता रहा है।
सुपरमैन को अब व्यापक नजरिए से अमेरिकी संस्कृति का प्रतीक माना जाता है। अपनी प्रभावशील विद्वता के साथ सांस्कृतिक विचारक, समीक्षक और आलोचक उनके इस वैश्विक रूप से लोकप्रिय एवं अमेरिकी किरदार के असर को तलाशते हैं। इस किरदार के एकाधिकार के लिए अक्सर, सिगल और शस्टर मतभेदों की वजहों से यह मामला मुकदमा दायर करने की स्थिति तक ले आते। सुपरमैन के किरदार को भुनाने के लिए मिडिया ने जमकर इसका रूपांतरण कराया जिनमें फ़िल्में, टीवी धारावाहिक औल विडियो गेम आदि शामिल हैं। फ़िल्म अभिनेता जार्ज रीव्स, क्रिस्टोफर रीव्स, ब्रेनडन रुथ, और हेनरी कैविल ने सुपरमैन की भूमिका को अब तक बड़े पर्दे पर साकार करते आ रहें हैं।



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